Amrit Mahotsav - अमृत महोत्सव - Amar Ujala Kavya
सदियों की गुलामी से जिन्होंने भारत माता को आजाद किया है, खुद पीकर यातनाओं का हलाहल हमको ये अमृत महोत्सव दिया है दय से नमन अनगिनत उन वीरों को, जिनकी बदौलत हमने अपना स्वाभिमान. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavya.