Deshbhakti Man Se Kare - देशभक्ति मन से करें - Amar Ujala Kavya
देशभक्ति मन से करें, दिखावा न करें। लौ जले गर अमन की, तो बुझाया न करें। पहचान अलग ही है, अपनी संस्कृति और सभ्यता की, झूठे आडंबरों में फंसकर, खुद से छलावा न. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavya.