Kuch Kurbani De Sakte - कुछ कुर्बानी दे सकते - Amar Ujala Kavya
अमर शहीदों की कुर्बानी ने आजादी दिलवाया , सदी चली बीतने को पर हमने कुछ नहीं कर पाया । उनकी अमर कहानी को हमने क्या मोल दिया है? कर्तव्यों से पीछे हट के ,जहर. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavya.