Pandrah August - पन्द्रह अगस्त - Amar Ujala Kavya
पन्द्रह अगस्त का स्वर्णिम दिन आया । मन में उमंग एवं हर्षोल्लास छाया ।। आजाद,राजगुरु, भगत सिंह, बिस्मिल, तात्या टोपे की कुर्बानी से आंख भर आई । सुभाष, गांधी, नेहरू, तिलक, पटेल की. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavy