Ek Tiranga - एक तिरंगा - Amar Ujala Kavya
एक तिरंगे के नीचे जब हम सब रहते हैं। फिर क़ौमों की बात अनिल बेमानी है।। - पंडित अनिल - हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavya.