मेरा रंगीलो भारत - गुलिस्तां हमारा - Amar Ujala Kavya
सजा दो ये गुलिस्तां हमारा, फहरा दो तिरंगा प्यारा इस तिरंगे की शान में गुनगुना दो प्यारा वतन हमारा शान इसकी कम न होने देगें, गुंजेगा चारों ओर वन्देमातरम हमारा शहीदों को याद करेगा. Read more hindi poetry, hindi shayari, hindi kavita on amar ujala kavya